About Prem aur sambandh sudhaar



साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। 

वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे।

साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। 

धर्म ज्ञाननवरात्रि स्पेशलछठ पूजा विशेषमुहूर्त एवं तिथिपितृपक्षमहाकुंभश्रावण विशेष

तीर पतर लियो हाथ, चौसठ जोगनिया खेले पास।

अगले पन्ने पर सिद्ध होकर क्या हो जाएगा...

गुरु के छत्र-छाया में ही अनुष्ठान करें। 

जियति संचारे। किलनी पोतनी। अनिन्तुश्वरि करे।

साधना के लिए एक निश्चित समय और स्थान का पालन करें।

वेदोंशास्त्रसप्त ऋषिसप्त चिरंजीवीसप्त नदियाँधामज्योतिर्लिंगकुंभ स्थलशक्तिपीठ

उत्तरपथ में आप बठी, हाथ सिद्ध वाचा ऋद्धि-सिद्धि । धनधान्य देहि-देहि कुरु-कुरु स्वाहा ।।

साधना काल में धूम्रपान या कोई अन्य नशा आदि न करें। 

तंत्र मंत्र की उत्पत्ति के तौर पर हिंदू धर्म को जाना जाता है क्योंकि इस दुनिया का सबसे पहला धर्म हिंदू धर्म ही है और इसीलिए इस दुनिया में click here जो भी विद्या या फिर साधनाएं आई है उसकी उत्पत्ति हिंदू धर्म के द्वारा ही हुई है.

परिहासे करे। नयन कटाक्षी करे। आपो न हाते। परहाते।

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